Saturday, April 10, 2021
अन्तर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस
अन्तर्राष्ट्रीय #नशा निवारण दिवस ~ 26 जून।
मैं काफी दिनों से सोच रहा था कि नशे पर अपने निजी विचार लिखूँ। आज नशा मुक्ति दिवस हैं तो उपयुक्त समय हैं।
मैं एक ऐसे समाज (#ओड ) से आता हूँ जहाँ बच्चे के जन्म के कुछ दिन बाद ही शराब का नशा करवाना आम हैं।
एक #रूढिवादी और #अधंविश्वासी पंरपरा के अनुसार शिशु के प्रथम बार बाल काटना जिसे स्थानीय भाषा में देवता को समर्पित 'झङूला करना' भी कहा जाता हैं। इस दिन दो बकरे की बलि और लगभग 10 हजार की शराब पी जाती हैं।
फलस्वरूप मैं भी किसी नशे से अछुता नहीं रहा। मैंने लगभग बचपन से सभी नशे( शराब , ध्रुमपान , स्मैक , कोकिन ( Drugs ), गांजा , चरस किये हुये हैं।
मैंने #Vegan बनने के बाद Drugs को तो उसी समय पुरी तरह से छोङ दिया था।
मैं अभी हाल ही में क्या खाना चाहिए , क्या नहीं आदि पर स्टडी कर रहा हूँ और फिटनेस को लेकर काफी जागरूक हूँ। तत्पश्चात मैंने अभी विशेषकर शराब सभी
नशे पूर्णतः रूप से आजीवन के लिए और 90% शुगर , रिफाइंड तेल , कोल्डड्रिंक , चिप्स, जंक फूड्स छोङ दिये।
मैं फिट रहने के लिए नियमित दौङ करता हूँ। हम #वीगन बनकर सभी अनहेल्दी खाद्य पदार्थों को छोङकर वाकई शारीरिक और मानसिक रूप से मजबुत हो जाते हैं।
शराब/बीयर ( नोट: बीयर भी शराब ही हैं क्योंकि इसमें एल्कोहॉल होता हैं) पर समाज में काफी भ्रांतियां और गलतफहमियां फैली हुई हैं कि शराब या थोङी शराब स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती हैं ।
देखिए , शराब की बोतल पर साफ-साफ लिखा होता हैं "शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं"। कोई भी सर्टिफिकेट डाँक्टर आपको शराब पीने की सलाह कतई न देगा।
जानवर कभी शराब नहीं पिते , मनुष्य भी एक जानवर हैं तो मनुष्य शराब क्यों पीये?
नशा हमारे तन-मन और धन को नुकसान ही पहुँचाता हैं ।
समाज में नशे से घरेलु हिंसा, सङक दुर्घटना, असमय मौत, गंभीर बीमारियाँ, आर्थिक स्थिति खराब होना मुख्य दुष्परिणाम हैं।
'नशा छोङने के लिए जरूरत हैं बस एक इरादे की क्योंकि इरादे के आगे टिकती नहीं कोई मुश्किल'।
'नशे को कहे ना
जीवन को कहे हाँ।
#नशा #नशामुक्ति #शराब #सिगरेट #नशामुक्तिअभियान #ओड
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