Sunday, April 11, 2021
पशुदूध प्रेमियों से सवाल
*_पशुदूध प्रेमियों से मेरे कुछ सवाल हैं--उनके जवाब भी दिये गये हैं-_--*
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*1) गाय या भैंस की आयु क्या होती है ? और पुरे जीवन काल में कितने बच्चे देती है ??*
जवाब; -- गाय और भैंस जिनका प्राकृतिक आयुष्य 15 से 20 साल होता है पर डेरी उद्योग की अविरत माँग की वजह से वो पूरे जीवन भर एक दूध की मशीन बन कर रह जाती है, दूध आने के लिए वह सभी गायों भैंसों को बच्चों को जन्म देना अनिवार्य है, बच्चो को जन्म देने के लिए सभी गाय भैंस को अपने हाथ से इंसान उसका हर एक साल बलात्कार कर के बच्चों को जन्म देने पर विवश करता है जिस से गाय या भैंस पुरे जीवन भर आप को अविरत दूध दे सके,और पूरे जीवन भर बच्चों को जन्म दे कर, प्रसव पीड़ा भोगने के बाद उनकी आयु 8 से 10 साल हो जाती है|
*2) क्या कारण है कि भारत विश्व के TOP 3 बीफ और चमड़ा एक्सपोर्ट करने वाले देशों में से एक है ??*
जवाब---हमारे देश में फिलहाल 65% गाय हैं और 35% बैल/सांड & भैसों की संख्या देखें तो 15% नर और 85% मादा और देश में 55% दूध भैसों से आता है--
सीधा सा समझिये कि अधिकतम नर बच्चे सीधे बंद ट्रक में लाद कर कर बंद दीवारों के भीतर काट दिए जाते है क्यों की वह बच्चे कुछ फायदा नहीं कराने वाले हैं उनको मरना पड़ता है (और कई सडको पर आवारा छोड दिया जाता है,,कचरा खाने के लिये और विकृत मौत मरने के लिये)आप स्वयं विचार करें कि इतना ज्यादा असंतुलन क्यूँ !!
क्यूँकि ये सब होता है आप के दूध, मांस, चमड़े, और कॉस्मेटिक और दवाईओ आदि सभी पशुपदार्थों के उपयोग की लालच के लिये ::
*3) पूरी धरती पर ऐसा कौनसा जीव है जिसे यदि दूसरे किसी जीव का दूध नहीं मिला तो उसका स्वास्थ्य बिगड़ जाता है ?*
जवाब; ऐसा कोई भी जीव नहीं है जो दूसरे जीव का दूध न मिलने पर कुपोषण से मर गया हो या कमजोर हो गया हो. हाथी जैसे शक्तिशाली जीव को भी दूध की आवश्यकता नहीं है. जब कि हमारे पास लाखों विकल्प हैं पोषण के.
*4) दूध का रंग सफ़ेद क्यों होता है ?*
जवाब; हमारे रक्त में श्वेतकण [वाइट सेल- WHITE CELLS] होते है जो हमें रोग से या महामारी से लड़ने की शक्ति देते है, इंसान या जानवर के छोटे बच्चे के दाँत नहीं होते है, सो वो सभी खुराक नहीं ले सकता है. प्रकृति ने ऐसी रचना की है कि जब तक बच्चे को दांँत नहीं आते तब तक अपनी माँ के दूध से बच्चे को पोषण मिलता रहेगा और रोग से या महामारी से बच्चे को सुरक्षा मिलती रहेगी, सभी जीव के दूध का रंग सफ़ेद होता है जिस में अपनी माँ के दूध में श्वेतकण [वाइट सेल] भारी मात्रा में होते है जो सीधे ही माँ के रक्त से अलग हो कर दूध बने हुए होते है जिस से बच्चे की रोग प्रतिकारक शक्ति बनी रहती है, इसी कारण से दूध का रंग सफ़ेद होता है. जब दूध को आप दूसरे दिन उबालोगे तो मलाई का रंग हमारे घाव के परु जैसा पीला हो गया होगा. जो साबित करता है की श्वेतकण [वाइट सेल] की मृत्यु हुई. यह सब विज्ञान इस लिए बता रहे है की दूध जो है जो या त्यों जीव के बच्चे के पेट के लिए ही बना है. जैसे हम हमारे शरीर में किसी और जिव का रक्त नहीं लगा सकते उसी तरह किसी और
जिव के श्वेतकण [वाइट सेल] हमें काम नहीं आएंगे, हमें पाचन तंत्र की परेशानी हो सकती है, हम खली पेट 2 लीटर दूध नहीं पी सकते हमारा पेट उसे पचा नहीं पायेगा. क्योंकि वो हमारी खुराक नहीं है. हमें खाली पेट केले खाने से कोई तकलीफ नहीं होगी.
*5) आप के दूध के लिये कितने जीव की हत्या होती है ?*
जवाब; एक सर्वेक्षण के आधार से गिनती करने पर 2500000 की जनसंख्या को रोज का दूध दिलाने के लिए प्रति वर्ष 100000 से ज्यादा नंदी या पाड़े की हत्या होती है. आप उन को जन्म दे कर हत्या करने पर गौ हत्या के सब से बड़े अपराधी हो.
*_कृपया पशुदूध त्याग दीजिये वह हमारी खुराक नहीं है, किसी मासूम बेजुबान जीव का बलात्कार और क़त्ल करने के लिए आप कारण न बने_*
🙏🙏🙏🙏
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