Wednesday, April 7, 2021

मांसाहार

मांस मछरिया खात हैं, दुग्धपान सों हेत। ते नर जड़ से जाएंगे, ज्यों मूरी को खेत।। (जो मांस-मछली खाते हैं, और दुध पीते हैं, वे मनुष्य मूली की फसल के समान, जड़ से समाप्त हो जायेंगे।)

No comments:

Post a Comment